सचिन तेंदुलकर को खाना खाना और बनाना दोनों काफी पसंद है. उन्होंने अपना न्यू ईयर दोस्तों के साथ मनाया. उन्होंने अपने दोस्तों के लिए खाना बनाया.

सचिन तेंदुलकर को खाना खाना और बनाना दोनों काफी पसंद है. उन्होंने अपना न्यू ईयर दोस्तों के साथ मनाया. उन्होंने अपने दोस्तों के लिए खाना बनाया. उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर पर पोस्ट किया है. जहां वो बारबेक्यू ग्रिल पकड़े हुए हैं और खाना बना रहे हैं. 

उन्होंने लिखा- न्यू ईयर की रात को दोस्तों के लिए खाना बनाने में मजा आया. मुझे खुशी है सभी को खाना इतना पसंद आया कि उंगलियां लिक कर रहे हैं. आपको भी नव वर्ष की शुभकामनाएं, आप सभी का साल 2018 अच्छा जाए. 

कुछ दिनों पहले ही यानी 2017 के आखिर में वो खबरों में बने हुए थे. क्योंकि वो राज्यसभा में अपनी पहली स्पीच नहीं दे पाए थे. विपक्ष के हंगामे के कारण राज्‍यसभा में अपना पहला भाषण देने से वंचित रह गए थे. 

सांसद और भारत रत्‍न सचिन ने फेसबुक पर यह भाषण जारी करते हुए देश में खेल और उसके भविष्‍य को लेकर अपने विचार साझा किए. 

सचिन ने युवाओं को खेल को करियर बनाने की नसीहत देते हुए कहा, इन दिनों हमारे फिटनेस के सेशन लाइट और खाने-पीने के सेशन हैवी होते जा रहे है, 

इस स्थिति को बदलना होगा. सचिन ने कहा कि हमें भारत को स्‍पोर्ट्स लविंग नेशन के बजाय स्‍पोर्ट्स प्‍लेइंग नेशन में बदलना होगा. इसके लिए जरूरी है कि युवा बढ़-चढ़कर खेल में भागीदारी करें.

सचिन ने कहा कि हमें इस बारे में सोचना होगा कि देश के स्‍वर्ण, रजत और कांस्‍य पदक जीतकर उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ि‍यों को क्‍या हमने पर्याप्‍त सम्‍मान दिया. अपने भाषण की शुरुआत करते हुए सचिन ने कहा कि कुछ ऐसी बातें हैं 

जो मैं कल आप तक पहुंचाना चाहता था. आज वहीं कर रहा हूं. उन्‍होंन कहा कि क्रिकेट ने मुझे कई सुनहरी यादें दी हैं. अपने स्‍वर्गीय पिता रमेश तेंदुलकर का जिक्र करते हुए सचिन ने बताया कि उन्‍होंने मुझे अपनी मनमर्जी के हिसाब से करियर चुनने की आजादी दी.

सचिन ने कहा कि  देश के कई समस्‍याएं है जिन पर ध्‍यान देना जरूरी है जैसे आर्थिक विकास, गरीबी, खाद्य सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य सुधार. लेकिन मैं फिटनेस और खेल पर बोलूंगा मेरा विजन है- फिट और हेल्‍दी इंडिया. 

देश में 75 मिलियन लोग डायबिटीज के शिकार हैं. मोटापे की समस्‍या भी देश में काफी बढ़ी है. ऐसी बीमारियों के कारण देश का काफी पैसा स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं में खर्च होता है. हम इसे नीचे ला सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि हमारी सेहत ठीक रहे. हम फिट रहें और खेल खेलें. 

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